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Sports News: 38 साल की उम्र में कर्ण शर्मा का क्रिकेट से संन्यास, 25 अगस्त को खेलेंगे आखिरी मुकाबला

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | भारतीय लेग स्पिनर कर्ण शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। 25 अगस्त को यूपी टी20 लीग में अपना आखिरी मुकाबला खेलेंगे।

डेस्क, 23 अगस्त। भारतीय क्रिकेट के अनुभवी लेग स्पिनर कर्ण शर्मा ने अपने लंबे क्रिकेट करियर पर विराम लगाने का फैसला किया है। 38 वर्षीय कर्ण शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय और भारतीय घरेलू क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी है। उनका प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में आखिरी मुकाबला 25 अगस्त 2026 को खेला जाएगा, जब यूपी टी20 लीग में कानपुर सुपरस्टार्स की टीम मेरठ मेवरिक्स के खिलाफ मैदान में उतरेगी। यह मुकाबला लखनऊ के इकाना क्रिकेट स्टेडियम में प्रस्तावित है।

कर्ण शर्मा ने यूपी टी20 लीग में कानपुर सुपरस्टार्स के लिए खेलने के बाद अपने फैसले की जानकारी दी। करीब दो दशक से अधिक लंबे करियर के बाद अब भारतीय क्रिकेट का यह अनुभवी स्पिनर खिलाड़ी के तौर पर मैदान से विदाई लेने जा रहा है। हालांकि, उन्होंने क्रिकेट से पूरी तरह नाता तोड़ने के बजाय आगे कोचिंग और क्रिकेट से जुड़ी अन्य जिम्मेदारियों के लिए उपलब्ध रहने की इच्छा जताई है।

टीम इंडिया के लिए करियर रहा छोटा, लेकिन यादगार

कर्ण शर्मा का भारतीय टीम के साथ अंतरराष्ट्रीय करियर बहुत लंबा नहीं रहा। उन्होंने साल 2014 में भारत के लिए तीनों फॉर्मेट में पदार्पण किया था। उनके अंतरराष्ट्रीय करियर में एक टेस्ट, दो वनडे और एक टी20 इंटरनेशनल मैच शामिल रहे।

टेस्ट क्रिकेट में कर्ण ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड में पदार्पण किया। यह उनके करियर का इकलौता टेस्ट भी साबित हुआ। इस मुकाबले में उन्होंने कुल चार विकेट अपने नाम किए। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक दोनों पारियों में उन्होंने दो-दो विकेट लिए थे।

टी20 इंटरनेशनल में उनका मुकाबला इंग्लैंड के खिलाफ बर्मिंघम में हुआ था। इस मैच में कर्ण ने जो रूट का विकेट हासिल किया था। वहीं, वनडे क्रिकेट में उन्हें श्रीलंका के खिलाफ दो मुकाबले खेलने का मौका मिला, लेकिन दोनों मैचों में वह विकेट हासिल नहीं कर सके।

2015 में जिम्बाब्वे दौरे के लिए भी कर्ण शर्मा का चयन हुआ था, लेकिन चोट के कारण वह दौरे से बाहर हो गए। इसके बाद उन्हें दोबारा भारतीय अंतरराष्ट्रीय टीम में जगह नहीं मिली।

घरेलू क्रिकेट में दो दशक से ज्यादा का सफर

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भले ही कर्ण शर्मा का सफर छोटा रहा, लेकिन घरेलू क्रिकेट में उन्होंने लंबी पारी खेली। उन्होंने 2007-08 सत्र में फर्स्ट क्लास क्रिकेट में कदम रखा और इसके बाद लगातार घरेलू क्रिकेट में सक्रिय रहे।

कर्ण ने रेलवे के अलावा आंध्र और विदर्भ जैसी टीमों का प्रतिनिधित्व किया। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनके आंकड़े उनकी लंबी और प्रभावी यात्रा को दर्शाते हैं।

उन्होंने 97 फर्स्ट क्लास मुकाबलों में 270 विकेट लिए। वहीं, 123 लिस्ट-ए मैचों में उनके नाम 153 विकेट दर्ज हैं। घरेलू टी20 क्रिकेट में उन्होंने 191 मुकाबलों में 168 विकेट हासिल किए।

घरेलू क्रिकेट में उनके प्रदर्शन का एक खास पड़ाव 2012-13 का रणजी ट्रॉफी सत्र रहा। उस दौरान तीन मैचों में 21 विकेट लेने के बाद उन्हें बीसीसीआई के बेस्ट अंडर-25 क्रिकेटर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था।

IPL में कर्ण शर्मा का अलग ही रिकॉर्ड

कर्ण शर्मा की पहचान सिर्फ घरेलू क्रिकेट या भारतीय टीम तक सीमित नहीं रही। IPL में भी उन्होंने लंबे समय तक अपनी उपयोगिता साबित की।

उनके नाम IPL इतिहास की एक खास उपलब्धि दर्ज है। कर्ण शर्मा लगातार तीन सीजन में तीन अलग-अलग फ्रेंचाइजी के साथ चैंपियन टीम का हिस्सा बनने वाले पहले खिलाड़ी बने थे।

साल 2016 में वह सनराइजर्स हैदराबाद की चैंपियन टीम का हिस्सा थे। इसके बाद 2017 में उन्होंने मुंबई इंडियंस के साथ IPL ट्रॉफी जीती। 2018 में वह चेन्नई सुपर किंग्स की टीम में पहुंचे और लगातार तीसरी बार खिताब जीतने में सफल रहे।

यह सिलसिला यहीं नहीं रुका। 2021 में चेन्नई सुपर किंग्स के साथ रहते हुए कर्ण ने अपना चौथा IPL खिताब भी जीता। इस तरह उनके IPL करियर में चार चैंपियन टीमों का हिस्सा बनने की उपलब्धि दर्ज हुई।

IPL में कर्ण शर्मा ने कुल 90 मुकाबले खेले और 83 विकेट अपने नाम किए। उनका आखिरी IPL मुकाबला 2025 में मुंबई इंडियंस के लिए था।

2014 की नीलामी में बने थे सबसे महंगे अनकैप्ड भारतीय

कर्ण शर्मा के IPL करियर में 2014 की नीलामी भी महत्वपूर्ण रही। उस समय सनराइजर्स हैदराबाद ने उन्हें 3.75 करोड़ रुपये में अपनी टीम में शामिल किया था। उस दौर में वह IPL नीलामी में सबसे महंगे अनकैप्ड भारतीय खिलाड़ियों में प्रमुख नाम बने थे।

बाद में उन्होंने अलग-अलग फ्रेंचाइजी के लिए खेलते हुए अपनी उपयोगिता साबित की। खास तौर पर स्पिन गेंदबाजी में उनका अनुभव कई टीमों के लिए उपयोगी रहा।

IPL के तीन लगातार खिताब का रिकॉर्ड अब खास क्लब में

कर्ण शर्मा के बाद IPL में लगातार तीन चैंपियन टीमों का हिस्सा बनने की उपलब्धि हासिल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में अब फिल सॉल्ट और सुयश शर्मा भी शामिल हैं।

सॉल्ट और सुयश 2024 में कोलकाता नाइट राइडर्स की चैंपियन टीम का हिस्सा थे। इसके बाद दोनों 2025 और 2026 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के साथ लगातार दो खिताब जीतने वाली टीमों का हिस्सा बने। हालांकि, कर्ण की उपलब्धि की खासियत यह थी कि उनके तीन लगातार खिताब तीन अलग-अलग फ्रेंचाइजी के साथ आए थे।

25 अगस्त को आखिरी बार मैदान पर उतरेंगे

अब कर्ण शर्मा के क्रिकेट करियर का अंतिम अध्याय 25 अगस्त को लिखा जाएगा। यूपी टी20 लीग में कानपुर सुपरस्टार्स और मेरठ मेवरिक्स के बीच होने वाला मुकाबला उनका आखिरी प्रतिस्पर्धी मैच होगा।

मुकाबला लखनऊ के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में निर्धारित है।

करीब 20 साल से ज्यादा समय तक घरेलू क्रिकेट, भारतीय टीम और IPL में अलग-अलग भूमिकाएं निभाने के बाद कर्ण अब खिलाड़ी के तौर पर क्रिकेट को अलविदा कह रहे हैं। भारतीय टीम के लिए उनका अंतरराष्ट्रीय करियर भले ही सिर्फ चार मैचों का रहा, लेकिन घरेलू क्रिकेट और IPL में उनकी उपलब्धियां उन्हें एक खास पहचान दिलाती हैं।

कर्ण शर्मा का क्रिकेट करियर एक नजर में

उम्र: 38 वर्ष

अंतरराष्ट्रीय पदार्पण: 2014

टेस्ट: 1 मैच, 4 विकेट

वनडे: 2 मैच

टी20 इंटरनेशनल: 1 मैच, 1 विकेट

फर्स्ट क्लास: 97 मैच, 270 विकेट

लिस्ट-ए: 123 मैच, 153 विकेट

घरेलू टी20: 191 मैच, 168 विकेट

IPL: 90 मैच, 83 विकेट

IPL खिताब: 4

आखिरी प्रतिस्पर्धी मैच: 25 अगस्त 2026

आंकड़े उपलब्ध करियर रिकॉर्ड के आधार पर हैं।

एक छोटे अंतरराष्ट्रीय करियर के बावजूद बड़ी पहचान

कर्ण शर्मा की कहानी उन क्रिकेटरों में शामिल है, जिनका अंतरराष्ट्रीय करियर अपेक्षाकृत छोटा रहा, लेकिन घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में उन्होंने लंबी पहचान बनाई। भारत के लिए सिर्फ चार मैच खेलने के बावजूद उन्होंने IPL में चार बार विजेता टीम का हिस्सा बनकर खुद को खास खिलाड़ियों की सूची में शामिल किया।

उनका सबसे बड़ा रिकॉर्ड तीन अलग-अलग टीमों के साथ लगातार तीन IPL खिताब जीतना रहा। इसके अलावा घरेलू क्रिकेट में 270 फर्स्ट क्लास विकेट और 153 लिस्ट-ए विकेट उनकी निरंतरता को दिखाते हैं।

अब 25 अगस्त को जब कर्ण शर्मा आखिरी बार प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में उतरेंगे, तो यह सिर्फ एक खिलाड़ी की विदाई नहीं होगी, बल्कि भारतीय घरेलू क्रिकेट और IPL के एक लंबे दौर का भी अंत होगा।

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कर्ण शर्मा का अंतरराष्ट्रीय करियर छोटा जरूर रहा, लेकिन उनकी क्रिकेट यात्रा को सिर्फ टीम इंडिया के आंकड़ों से नहीं आंका जा सकता। घरेलू क्रिकेट में दो दशक से अधिक समय तक सक्रिय रहना और IPL जैसी प्रतिस्पर्धी लीग में चार बार चैंपियन टीम का हिस्सा बनना उनकी निरंतरता को दिखाता है।

खास बात यह है कि कर्ण ने अपने करियर में अलग-अलग टीमों की जरूरत के मुताबिक खुद को ढाला। 2016 से 2018 तक लगातार तीन अलग-अलग टीमों के साथ IPL चैंपियन बनना उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिना जाएगा।

अब खिलाड़ी के तौर पर उनका सफर खत्म हो रहा है, लेकिन क्रिकेट से उनका जुड़ाव आगे भी जारी रह सकता है। कोचिंग और क्रिकेट से जुड़ी दूसरी जिम्मेदारियों में उनका अनुभव युवा खिलाड़ियों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।

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